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    <title>Hindi News, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar , Crime News, Breaking News in Hindi, &amp; : टेक &amp;amp; शिक्षा</title>
    <link>https://newstarang.in/rss/category/टेक-शिक्षा</link>
    <description>Hindi News, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar , Crime News, Breaking News in Hindi, &amp; : टेक &amp;amp; शिक्षा</description>
    <dc:language>en</dc:language>
    <dc:creator></dc:creator>
    <dc:rights>Copyright 2023 News Tarang &amp; All Rights Reserved.</dc:rights>
    <item>
        <title>पेश हो सकता है इंश्योरेंस अमेंडमेंट बिल, मिलेगा फायदा</title>
        <link>https://newstarang.in/पेश-हो-सकता-है-इंश्योरेंस-अमेंडमेंट-बिल-मिलेगा-फायदा</link>
        <guid>https://newstarang.in/पेश-हो-सकता-है-इंश्योरेंस-अमेंडमेंट-बिल-मिलेगा-फायदा</guid>
        <description><![CDATA[ <p style="text-align: justify;">आईआरडीए बीमा कंपनियों के लिए समग्र लाइसेंसिंग की अनुमति नहीं देता है। ऐसी स्थिति में कोई बीमा कंपनी जीवन और गैर-जीवन दोनों तरह के उत्पाद एक इकाई के रूप में उपलब्ध नहीं करा सकती है। सूत्रों ने बताया कि विधेयक का मसौदा तैयार है और इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट के पास भेजा जाना है। सरकार 2047 तक सभी के लिए बीमा का लक्ष्य हासिल करने के लिए आगामी बजट सत्र के दौरान बीमा अधिनियम, 1938 में संशोधन करने वाला विधेयक पेश कर सकती है।</p>
<p style="text-align: justify;">सूत्रों ने बताया कि संशोधन विधेयक में जिन प्रावधानों को शामिल किया जा सकता है, उनमें समग्र लाइसेंस, गैप कैपिटल, सॉल्वेंसी मानदंडों में राहत, कैप्टिव लाइसेंस जारी करना, निवेश नियमों में बदलाव, बिचौलियों के लिए एकमुश्त पंजीकरण और बीमा कंपनियों को अन्य वित्तीय उत्पाद वितरित करने की अनुमति देना शामिल हैं। यह सुविधा मिलेगी इस कदम से बैंकिंग क्षेत्र की तरह विभिन्न बीमा कंपनियों को प्रवेश की अनुमति मिल सकती है। बैंकिंग क्षेत्र को वर्तमान में यूनिवर्सल बैंक, लघु वित्त बैंक और भुगतान बैंक के रूप में वर्गीकृत किया गया है।</p>
<p style="text-align: justify;">समग्र लाइसेंस के प्रावधान से जीवन बीमा कंपनियों को स्वास्थ्य बीमा या सामान्य बीमा पॉलिसियों को अंडरराइट करने की अनुमति मिल जाएगी। बीमा अधिनियम, 1938 के प्रावधानों के अनुसार, जीवन बीमा कंपनियां केवल जीवन बीमा कवर प्रदान कर सकती हैं, जबकि सामान्य बीमा कंपनियां स्वास्थ्य, वाहन, अग्नि आदि जैसे गैर-बीमा उत्पाद प्रदान कर सकती हैं।</p>
<h2 style="text-align: justify;">ड्राफ्ट तैयार, कैबिनेट को भेजा जाएगा</h2>
<p style="text-align: justify;">आईआरडीए बीमा कंपनियों के लिए समग्र लाइसेंसिंग की अनुमति नहीं देता है। ऐसी स्थिति में, एक बीमा कंपनी एक इकाई के रूप में जीवन और गैर-जीवन दोनों उत्पाद प्रदान नहीं कर सकती है। सूत्रों ने कहा कि विधेयक का मसौदा तैयार है और इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट को भेजा जाना है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय को उम्मीद है कि इसे आगामी सत्र में पेश किया जाएगा।</p>
<h2 style="text-align: justify;">इसलिए लाया जा रहा है विधेयक</h2>
<p style="text-align: justify;">सूत्रों ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन मुख्य रूप से पॉलिसीधारकों के हितों को बढ़ावा देने, पॉलिसीधारकों को रिटर्न में सुधार करने, अधिक प्रतिभागियों के प्रवेश की सुविधा, आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने, बीमा उद्योग की परिचालन और वित्तीय दक्षता बढ़ाने और व्यापार करने में आसानी पर केंद्रित हैं। वित्त मंत्रालय ने दिसंबर 2022 में बीमा अधिनियम, 1938 और बीमा नियामक विकास अधिनियम, 1999 में प्रस्तावित संशोधनों पर टिप्पणियां आमंत्रित की थीं।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 14 Jul 2024 09:15:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>न्यूज़ तरंग डेस्क</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>महंगी कारों में भी भारतीयों की दिलचस्पी, लग्जरी कार ब्रांड की बिक्री 21 प्रतिशत बढ़ी</title>
        <link>https://newstarang.in/महंगी-कारों-में-भी-भारतीयों-की-दिलचस्पी-लग्जरी-कार-ब्रांड-की-बिक्री-21-प्रतिशत-बढ़ी</link>
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        <description><![CDATA[  ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 05 Jul 2024 00:18:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>न्यूज़ तरंग डेस्क</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>पुरे विश्व में  मेड इन भारत  के फोन का डंका, चीन और वियतनाम की निकली हवा</title>
        <link>https://newstarang.in/पुरे-विश्व-में-मेड-इन-भारत-के-फोन-का-डंका-चीन-और-वियतनाम-की-निकली-हवा</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: justify;">मोबाइल निर्यात को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि मेड इन इंडिया स्मार्टफोन ने पूरी दुनिया में धूम मचा दी है। भारत के स्मार्टफोन ने निर्यात के मामले में चीन और वियतनाम को पीछे छोड़ दिया है और दुनिया तेजी से स्मार्टफोन निर्यात के लिए भारत की ओर देख रही है।</p>
<p style="text-align: justify;">मेड इन इंडिया स्मार्टफोन पूरी दुनिया में धूम मचा रहे हैं, जिससे चीन और वियतनाम की सांस फूल रही है। दरअसल, मोबाइल फोन निर्यात के मामले में भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है। पूरी दुनिया में लोग मेड इन इंडिया स्मार्टफोन को काफी पसंद कर रहे हैं। हाल ही में इंटरनेशनल ट्रेड सेंटर की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि स्मार्टफोन निर्यात के मामले में भारत ने चीन और वियतनाम को पीछे छोड़ दिया है।</p>
<p style="text-align: justify;">स्मार्टफोन निर्यात के लिए दुनिया तेजी से भारत की ओर देख रही है। अगर आंकड़ों की बात करें तो 2024 में भारत का मोबाइल निर्यात 40 फीसदी से ज्यादा रहा है। चीन में जहां मोबाइल निर्यात में 2.78 फीसदी की गिरावट आई है, वहीं वियतनाम में मोबाइल निर्यात में 17.6 फीसदी की गिरावट आई है।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>चीन और वियतनाम मुश्किल में</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दुनिया में मोबाइल निर्यात के मामले में चीन और वियतनाम दोनों ही शीर्ष पर हैं। दोनों ने मोबाइल निर्यात बाजार में अपना दबदबा कायम रखा था। लेकिन अब भारत तेजी से चीन और वियतनाम के दबदबे को खत्म कर रहा है। भारत ने चीन और वियतनाम से मोबाइल फोन निर्यात में आई कमी को करीब 50 फीसदी तक रिकवर कर लिया है। इससे साफ है कि सप्लाई चेन में बदलाव का बड़ा हिस्सा चीन से वापस लाने का मकसद पूरा हो गया है।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सरकार की इस योजना से मिला फायदा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अगर भारत मोबाइल निर्यात में चीन जैसे देश से आगे निकल पाया है तो इसमें पीएलआई योजना की बड़ी भूमिका रही है। पीएलआई योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक पहल है जिसका उद्देश्य न सिर्फ विदेशी कंपनियों को देश में रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित करना है बल्कि छोटे-मोटे रोजगार लाने के लिए घरेलू और स्थानीय उत्पादन को भी प्रोत्साहित करना है। पीएलआई योजना की वजह से ही दुनिया की बड़ी मोबाइल कंपनियां एप्पल, वीवो, श्याओमी और सैमसंग स्थानीय स्तर पर स्मार्टफोन का उत्पादन कर रही हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">इंटरनेशनल ट्रेड सेंटर (आईटीसी) के आंकड़ों के अनुसार, मोबाइल फोन का चीनी निर्यात वित्त वर्ष 23 में 136.3 बिलियन डॉलर से घटकर वित्त वर्ष 24 में 132.5 बिलियन डॉलर रह गया। इसमें 3.8 बिलियन डॉलर या 2.8% की गिरावट आई। इसी तरह, वियतनाम में भी मोबाइल निर्यात में गिरावट देखी गई है। यह वित्त वर्ष 23 में 31.9 बिलियन डॉलर से घटकर वित्त वर्ष 24 में 26.27 बिलियन डॉलर रह गया। यानी कुल निर्यात में 17.6% या 5.6 बिलियन डॉलर की गिरावट आई। दोनों देशों का निर्यात मिलाकर 9.4 बिलियन डॉलर रहा।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>एपल ने भारत से उत्पादन और निर्यात दोगुना किया</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अधिकारियों का दावा है कि स्मार्टफोन पीएलआई योजना सफल रही है। आईफोन निर्माता एप्पल ने इस योजना के तहत देश में आईफोन का उत्पादन शुरू किया। इसके तीन प्रमुख आईफोन विक्रेता फॉक्सकॉन, पेगाट्रॉन और विस्ट्रॉन ने योजना के लॉन्च होने के बाद भारत में अपने प्लांट स्थापित किए हैं। एप्पल ने पिछले दो वित्तीय वर्षों में भारत से अपने उत्पादन और निर्यात को दोगुना कर दिया है। कंपनी का उत्पादन वित्त वर्ष 23 में 7 बिलियन डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 24 में 14 बिलियन डॉलर हो गया। इस दौरान इसका निर्यात 5 बिलियन डॉलर से बढ़कर 10 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया। भारत के मोबाइल निर्यात में iPhone का हिस्सा 65% और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में एक तिहाई से अधिक है।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सैमसंग ने भी कमाया मुनाफा</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जानकारी के अनुसार, Apple की तरह, Samsung जैसी कंपनियाँ भी भारत से बड़ी मात्रा में मोबाइल निर्यात करना शुरू करेंगी। दक्षिण कोरियाई दिग्गज भी PLI योजना का लाभार्थी है और वित्त वर्ष 24 में भारत से इसका मोबाइल फोन निर्यात लगभग 3.5 बिलियन डॉलर था। यह Apple के निर्यात का लगभग एक तिहाई था। सैमसंग वर्तमान में वियतनाम से मोबाइल फोन का सबसे बड़ा निर्यातक है। एक रिपोर्ट के अनुसार, सैमसंग ने 2023 के अंत तक वियतनाम में 20 बिलियन डॉलर का निवेश किया था। वर्तमान में, दुनिया भर में बिकने वाले सैमसंग के 50% से अधिक उत्पाद वियतनाम में बने हैं।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 02 Jul 2024 06:42:40 +0530</pubDate>
        <dc:creator>न्यूज़ तरंग डेस्क</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>NEET: आखिर कौन है नीट पेपर लिक के पीछे? ,कौन  डाल रहा बच्चो के भविष्य को अंधकार में ?</title>
        <link>https://newstarang.in/neet-आखिर-कौन-है-नीट-पेपर-लिक-के-पीछे-कौन-डाल-रहा-बच्चो-के-भविष्य-को-अंधकार-में</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: justify;">नीट पेपर लीक मामले की जांच अब सीबीआई को सौंपी गई है। इस मामले के उजागर होने के बाद ही बिहार के संजय मुखिया और यूपी के रविअत्री पुलिस के निशाने पर हैं। कारों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाला ये मास्टर माइंड रवि अत्री कौन है? NEET-UG 2024 परीक्षा पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड रवि अत्री को उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने परीक्षा की जांच की मांग कर रहे छात्रों के देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन के बीच शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है।</p>
<p style="text-align: justify;"> ग्रेटर नोएडा के नीमका गांव का रवि अत्री पहले भी कई पेपर लीक मामले का मास्टर माइंड रहा है। अब नीट परीक्षा में हुए पेपर लीक मामले के तार भी रवि अत्री से जुड़े हुए हैं। रवि अत्री का नाम, पहले उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के पेपर लीक के पीछे मास्टरमाइंड के रूप में दर्ज किया गया था, अब राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित अनियमितताओं की जांच के संबंध में उनका नाम सामने आया है।</p>
<p style="text-align: justify;">रवि अत्री को इस साल अप्रैल में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (यूपीएसटीएफ) ने मेरठ से गिरफ्तार किया था, उन्होंने कहा कि राजीव नयन मिश्रा के साथ मिलकर यूपी पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा का पेपर लीक करने की साजिश रची थी। उन्होंने अपने इस पेपर लीक के ऑपरेशन को आसान बनाने के लिए मानेसर के एक रिसॉर्ट में पैसे लेकर ड्राइवरों को इकट्ठा किया था। </p>
<p style="text-align: justify;">नीट पेपर लीक का विवाद तब शुरू हुआ जब 67 छात्रों ने नीट-यूजी परीक्षा में 720 का परफेक्ट स्कोर हासिल किया। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने इसके लिए झूठे प्रश्न और कुछ अंकों पर पेपर वितरण में सच्चाई देरी के कारण अनुग्रह अंक दिए जाने को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, बिहार पुलिस की जांच से पता चला कि जांच का पेपर कुछ खास परिस्थितियों को पहले से ही लीक कर दिया गया था। संदेह के घेरे में नीट परीक्षा लगभग 24 लाख मेडिकल छात्रों ने नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा 5 मई को दी थी, और परिणाम भी 4 जून को जल्द ही जारी किए गए थे।</p>
<p style="text-align: justify;"><span>नतीजों को प्रबंधित करने के एनटीए के प्रयासों के बावजूद</span>, व्यापक रूप से पेपर लीक के आरोप लगे और छात्रों ने इसका विरोध किया। इसके बाद देश भर में कानूनी कार्रवाई की शुरुआत की गई। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले को गंभीरता से लेने के लिए एनटीए को फटकार लगाते हुए हस्तक्षेप किया था। ऐसे हुआ पेपर लीक का खुलासा</p>
<p style="text-align: justify;">नीट पेपर लीक घोटाले के तार अब मास्टर माइंड रवि अत्री से जुड़ गए हैं, जो विभिन्न राज्यों में पिछली परीक्षाओं के पेपर लीक में कथित संलिप्तता के लिए जाना जाता है। उनकी खोज में कथित तौर पर 'सॉल्वर गैंग' नामक रेडियो नेटवर्क के माध्यम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हलके गए प्रश्नपत्र अपलोड करना शामिल था। अत्री की 2012 में मेडिकल प्रवेश परीक्षा के पेपर लीक करने में भी बड़ी भूमिका थी।</p>
<p style="text-align: justify;"> मामला उजागर होने के बाद दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। बिहार पुलिस, जिसने शुरू में एक छात्र और सहयोगी सहित लीक से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया था, पुलिस की इस जांच टीम ने राज्य की सीमा से बाहर जाकर जांच की तो पूछताछ के दौरान रवि अत्री के पेपर लीक से संबंध सामने आए, जिसके बाद में यूपी एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कौन है रवि अत्री, कैसे बना पेपर लीक का मास्टर माइंड</p>
<p style="text-align: justify;">साल 2007 में, रवि अत्री के परिवार ने उसे मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए कोटा भेजा था। उन्होंने 2012 में मेडिकल की परीक्षा पास कर ली और पीजीआइ रोहतक में एडमिशन ले लिया, लेकिन चौथे साल की परीक्षा में शामिल नहीं हुआ। अधिकारियों ने कहा कि तब तक वह 'परीक्षा माफिया' के संपर्क में आ चुका था और अन्य उपभोक्ताओं के लिए उपस्थिति के रूप में बैठा हुआ था। उन्होंने लीक हुए पेपर्स को छात्रों के बीच प्रसारित करने में भी अहम भूमिका निभानी शुरू की थी।</p>
<p style="text-align: justify;">धीरे-धीरे रवि अत्री पेपर लीक का मास्टर माइंड बन गया। वर्ष 2012 में प्री-मेडिकल टेस्ट परीक्षा पेपर और 2015 में एम्स पीजी परीक्षा पेपर लीक करने के आरोप में वह जेल जा चुका है। हाल ही में, जीएसटीएफ ने कांस्टेबल भर्ती घोटाले में अत्री और 18 अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था, उस पेपर लीक का वह मास्टर माइंड था।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong> रवि अत्री और संजीव मुखिया का संबंध</strong><br>बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) को संजीव मुखिया के नेतृत्व वाले पेपर लीक माफिया से जुड़े सबूत मिलने के बाद नीट पेपर लीक घोटाले से अत्री का संबंध सामने आया। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के आदेश के तहत ईओयू, एनईईटी-यूजी 2024 पेपर लीक पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए तैयार है, जिसमें जला हुआ प्रश्न पत्र, ओएमआर शीट और अन्य आपत्तिजनक सामग्री शामिल है।</p>
<p style="text-align: justify;">अत्री और संजीव मुखिया, हालांकि अलग-अलग काम कर रहे हैं, दोनों परीक्षा पत्र लीक करने के कारोबार में शामिल हैं। मुन्नी है कि पिता के बेटे डॉ. शिव कुमार ने अत्री के साथ ही पढ़ाई की थी। मामले में कथित तौर पर मुखिया ने करीब 25 बच्चों को पटना के एक हॉस्टल में भर्ती कराया था, जहां एक दिन पहले ही उन्हें जांच सामग्री लीक कर दी गई थी।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 23 Jun 2024 01:22:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Ajay Singh (एडिटर)</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>नीट विवाद:  कोचिंग सेंटरों द्वारा हवा,असली नुकसान कोचिंग संस्थानों को</title>
        <link>https://newstarang.in/नीट-विवाद-कोचिंग-सेंटरों-द्वारा-हवाअसली-नुकसान-कोचिंग-संस्थानों-को</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: justify;"> नीट (यूजी)-2024 विवाद को कोचिंग संस्थानों ने हवा दी है, जो इस बार कम सिलेबस और आसान प्रश्नपत्रों के कारण नुकसान में हैं? सरकार के सूत्र इस ओर इशारा कर रहे हैं, उनका दावा है कि जिन कोचिंग संस्थानों के छात्रों ने इस बार खराब प्रदर्शन किया है, वे हंगामे में सबसे आगे हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">केंद्र ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने 1,563 उम्मीदवारों को दिए गए ग्रेस मार्क्स वापस लेने का फैसला किया है, जिनके पास अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित की जा रही दोबारा परीक्षा में बैठने का विकल्प होगा। सुप्रीम कोर्ट ने काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई है। हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि कुछ कोचिंग संस्थान पूरी परीक्षा पर संदेह जता रहे हैं, हालांकि पेपर लीक होने का कोई सबूत नहीं है।</p>
<p style="text-align: justify;">सूत्रों ने कहा कि जिन कोचिंग संस्थानों के छात्रों ने नीट (यूजी)-2024 परीक्षा में खराब प्रदर्शन किया है, वे अपेक्षाकृत आसान परीक्षा होने के बावजूद अपने छात्र समूहों के बीच बदनाम हो गए हैं और विरोध प्रदर्शनों में सबसे आगे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अन्य कोचिंग संस्थान चुप हैं। इस बार, NEET (UG) परीक्षा में लगभग 15% कम पाठ्यक्रम देखा गया, आवेदकों की संख्या लगभग 23.3 लाख थी, और प्रश्न पत्र अपेक्षाकृत आसान था।</p>
<p style="text-align: justify;">सूत्रों ने कहा कि आसान प्रश्न पत्र और कम पाठ्यक्रम से असली नुकसान कोचिंग संस्थानों को होता है, जो पाठ्यक्रम की जटिलता और व्यापकता का लाभ उठाते हैं, क्योंकि छात्र फिर उनकी सेवाओं की तलाश करते हैं। सरकारी सूत्रों ने कहा कि NEET (UG)- 2024 के मामले में एक सरल पाठ्यक्रम कोचिंग संस्थानों को प्रभावित करता है क्योंकि कम छात्रों को व्यापक कोचिंग की आवश्यकता महसूस होती है। इस साल कट-ऑफ अधिक थी क्योंकि परीक्षा पूरी करने के लिए 20 अतिरिक्त मिनट आवंटित किए गए थे।</p>
<p style="text-align: justify;">सूत्रों ने कहा कि छोटे पाठ्यक्रम के साथ, छात्र समय पर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं, जिससे पूरी तरह से संशोधन के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है और इससे बेहतर प्रदर्शन और उच्च अंक प्राप्त होते हैं। परीक्षा में बैठने के लिए कोई ऊपरी आयु सीमा भी नहीं है और असीमित प्रयासों के साथ, जिसके परिणामस्वरूप अनुभवी उम्मीदवारों द्वारा बाद के प्रयासों में उच्च अंक प्राप्त होते हैं। सूत्रों ने कहा कि कठिन प्रश्न पत्र कोचिंग उद्योग को लाभान्वित करता है, लेकिन ग्रामीण छात्र जो महंगी कोचिंग का लाभ नहीं उठा सकते हैं, वे ऐसी स्थिति में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 07:14:22 +0530</pubDate>
        <dc:creator>न्यूज़ तरंग डेस्क</dc:creator>
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    </item>
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        <title>Facebook:  फेसबुक डेटा में फिर से सेंध, आपकी निजी जानकारियां चोरी!</title>
        <link>https://newstarang.in/facebook-फेसबुक-डेटा-में-फिर-से-सेंध-आपकी-निजी-जानकारियां-चोरी</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: justify;"><span>Publish on:</span><span> Jun 11, 2024</span> 12:34:58 PM</p>
<p style="text-align: justify;">अगर आपका भी फेसबुक पर अकाउंट है तो आज की खबर खास आपके लिए है। एक बार फिर फेसबुक डेटा में सेंधमारी की खबर सामने आई है, जिससे करोड़ों यूजर्स की सुरक्षा और निजता को खतरा है। आइए जानते हैं कौन-कौन सी जानकारियां लीक हुई हैं?</p>
<p style="text-align: justify;">सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर करोड़ों यूजर्स की सुरक्षा खतरे में है, हाल ही में साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने डेटा सेंधमारी की जानकारी देते हुए बताया कि 1 लाख यूजर्स का डेटा लीक हुआ है। यह पहली बार नहीं है जब फेसबुक डेटा लीक की खबर सामने आई हो, इससे पहले भी कई बार ऐसी खबरें सामने आ चुकी हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">नई दिल्ली स्थित गैर-लाभकारी संगठन साइबरपीस की टीम ने इसका पता लगाया है। साइबरपीस के मुताबिक लीक हुए डेटा में फेसबुक यूजर्स की कुछ अहम जानकारियां लीक हुई हैं, जिसमें उनका पूरा नाम, ईमेल, प्रोफाइल डिटेल्स, यूजर्स की लोकेशन और उनके फोन नंबर शामिल हैं। डेटा लीक होने के साथ ही यह भी आशंका जताई जा रही है कि जिन यूजर्स का डेटा लीक हुआ है, उन पर फिशिंग अटैक हो सकता है।</p>
<p style="text-align: justify;">अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि फेसबुक डेटा में सेंध किसने लगाई है। साइबरपीस का कहना है कि फिलहाल इस मामले में फेसबुक या फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।</p>
<p style="text-align: justify;">साइबरपीस कंपनी का कहना है कि डेटा लीक की जांच की जा रही है ताकि पता लगाया जा सके कि डेटा लीक के पीछे कौन है - हैकटिविस्ट, साइबर क्रिमिनल ग्रुप या कोई दुर्भावनापूर्ण इकाई? शोधकर्ताओं का कहना है कि जिस तरह से फेसबुक डेटा लीक हो रहा है, वह चिंता का विषय है। डेटा सुरक्षा में सेंध से कंपनी की छवि प्रभावित हो रही है।</p>
<p style="text-align: justify;">फेसबुक प्राइवेसी को कैसे मजबूत करें?</p>
<p style="text-align: justify;">आप अपने फेसबुक अकाउंट की प्राइवेसी को मजबूत करने के लिए सेटिंग्स में उपलब्ध टू-स्टेप वेरिफिकेशन ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा अपनी प्रोफाइल में सेटिंग्स को अपडेट करें कि कौन आपकी प्रोफाइल, पोस्ट देख सकता है और कौन आपको पोस्ट में टैग कर सकता है।</p>
<p style="text-align: justify;">अपने फेसबुक अकाउंट के लिए एक मजबूत पासवर्ड बनाएं जिसमें अक्षर, नंबर और सिंबल आदि शामिल हों। इसके अलावा फेसबुक पर अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स को चेक करें और अपनी जरूरत के हिसाब से सेटिंग्स को अपडेट करें।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 11 Jun 2024 04:35:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>न्यूज़ तरंग डेस्क</dc:creator>
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