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    <title>Hindi News, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar , Crime News, Breaking News in Hindi, &amp; : फिटनेश</title>
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    <description>Hindi News, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar , Crime News, Breaking News in Hindi, &amp; : फिटनेश</description>
    <dc:language>en</dc:language>
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    <dc:rights>Copyright 2023 News Tarang &amp; All Rights Reserved.</dc:rights>
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        <title>जीका वायरस  मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट,डॉक्टर और उसकी बेटी पॉजिटिव</title>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: justify;">पुणे में जीका वायरस के मामले पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। डॉक्टर सभी संक्रमित मरीजों के स्वास्थ्य पर नजर रख रहे हैं। मरीजों में शरीर पर लाल धब्बे, बुखार और मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण देखे गए हैं। इनका इलाज किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align: justify;">महाराष्ट्र के पुणे में जीका वायरस के छह मामले सामने आए हैं। इनमें दो गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। इसकी जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। एक अधिकारी ने बताया कि पुणे के एरंडवाने और मुंधवा में जांच के दौरान 6 मरीजों में जीका वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है।</p>
<p style="text-align: justify;">स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि एरंडवाने में जीका वायरस के संक्रमण का पहला मामला सामने आया है। यहां 46 वर्षीय डॉक्टर की रिपोर्ट जीका पॉजिटिव आई है। वहीं डॉक्टर की 15 वर्षीय बेटी भी संक्रमित पाई गई है। साथ ही मुंधवा से भी दो मामले सामने आए हैं, जिसमें 47 वर्षीय महिला और 22 वर्षीय युवक शामिल हैं।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जीका वायरस के मामले मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट</strong></p>
<p style="text-align: justify;">डॉक्टर जीका वायरस से संक्रमित सभी 6 मरीजों के स्वास्थ्य पर नजर रख रहे हैं। इन मरीजों में शरीर पर लाल धब्बे, बुखार और मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण देखे गए हैं। इनका इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, एडीज मच्छर के काटने से जीका वायरस का संक्रमण व्यक्ति में फैलता है। यह वायरस इसलिए भी ज्यादा खतरनाक है क्योंकि यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता रहता है। हालांकि, शुरुआत में इस वायरस से संक्रमित मरीज में कोई लक्षण नहीं दिखते।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>जीका वायरस कब सामने आया?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस वायरस का पहला मामला 1947 में सामने आया था। युगांडा में इस वायरस का संक्रमण बंदरों में देखा गया था। हालांकि, इंसानों में जीका का पहला मामला 1952 में सामने आया था। पिछले कुछ सालों में अलग-अलग देशों में जीका के मामले देखे गए हैं। अक्टूबर 2015 से जनवरी 2016 के बीच ब्राजील में जीका के हजारों मामले सामने आए। इस देश में 4000 बच्चों में जीका वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>लक्षण और बचाव क्या हैं?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">डॉक्टरों के अनुसार, जीका वायरस से संक्रमित मरीजों को बुखार आता रहता है। मरीजों को सिर दर्द और जोड़ों में दर्द की शिकायत हो सकती है। आंखें लाल हो जाती हैं। शरीर पर लाल चकत्ते भी पड़ जाते हैं। चूंकि यह संक्रमण मच्छरों के काटने से फैलता है, इसलिए घर के आसपास पानी जमा न होने दें। बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें। संक्रमित मरीजों के रहने वाले इलाकों में जाने से बचें। साथ ही अपने खान-पान का खास ख्याल रखें</p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 02 Jul 2024 02:24:42 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Dinesh Singh</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>बिमारियों से बचना है तो योग है जरुरी ,योग दिवस पर जानिए 7 योग गुरुओं के बारे में..</title>
        <link>https://newstarang.in/बिमारियों-से-बचना-है-तो-योग-है-जरुरी-योग-दिवस-पर-जानिए-7-योग-गुरुओं-के-बारे-में</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: justify;">21 जून को पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। योग को दुनिया से हमारे देश भारत ने ही परिचित कराया था। योग शब्द का सबसे पहला उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है, जिसके बाद कई उपनिषदों में इसका जिक्र हुआ। भारत में कई योग गुरु हुए हैं जिन्होंने योग के ज्ञान को सभी तक पहुंचाने के लिए बहुत कुछ किया।</p>
<p style="text-align: justify;">अगर योग गुरुओं का जिक्र होता है तो सबके दिमाग में बाबा रामदेव का नाम आता है। आम लोगों को योग से जोड़ने में बाबा रामदेव का बहुत बड़ा योगदान है। उनके योग शिविर में सेलिब्रिटीज के साथ-साथ समाज के दूसरे लोग भी आते हैं। लेकिन भारतीय योग के इतिहास में कई ऐसे योग गुरु हैं जिन्होंने योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बहुत कुछ किया।</p>
<p style="text-align: justify;">ऋषि पतंजलि<br>प्राचीन भारतीय ऋषि पतंजलि ने संस्कृत में कई ग्रंथ लिखे। उनमें से एक है योगसूत्र जिसे योग दर्शन का मूल ग्रंथ माना जाता है। ऋषि पतंजलि का जन्म शुंग वंश के शासनकाल में उत्तर प्रदेश के गोंडा में हुआ था और बाद में उन्होंने काशी को अपना निवास स्थान बनाया। व्याकरणाचार्य पाणिनि के शिष्य पतंजलि को शेषनाग का अवतार माना जाता था। पतंजलि एक महान चिकित्सक थे और उन्हें 'चरक संहिता' का लेखक माना जाता है।</p>
<p style="text-align: justify;">बीकेएस अयंगर<br>बीकेएस अयंगर एक योग गुरु थे जिन्हें दुनिया के प्रमुख योग गुरुओं में से एक माना जाता है। उन्होंने योग दर्शन पर 'लाइट ऑन योगा', 'लाइट ऑन प्राणायाम' और 'लाइट ऑन द योग सूत्र ऑफ पतंजलि' सहित कई किताबें भी लिखीं। बीकेएस अयंगर का जन्म 14 दिसंबर 1918 को बेल्लूर के एक गरीब परिवार में हुआ था। ऐसा कहा जाता है कि अयंगर बचपन में बहुत बीमार रहते थे और तभी उन्हें योग करने की सलाह दी गई थी। योग से जब उनका स्वास्थ्य ठीक हुआ तो उन्होंने देश-दुनिया में योग के प्रचार-प्रसार का जिम्मा उठाया। उनका एक योग विद्यालय भी है जिसका नाम 'अयंगर योग' है। बीकेएस अयंगर की योग शैली काफी अलग है जिसे 'अयंगर योग' कहा जाता है। टाइम मैगजीन ने साल 2004 में उनका नाम दुनिया के शीर्ष 100 प्रभावशाली लोगों में शामिल किया था।</p>
<p style="text-align: justify;">तिरुमलाई कृष्णमाचार्य</p>
<p style="text-align: justify;">तिरुमलाई कृष्णमाचार्य को आधुनिक योग का जनक कहा जाता है। उन्हें आयुर्वेद का भी ज्ञान था और वे योग और आयुर्वेद की मदद से लोगों को स्वस्थ रहने में मदद करते थे। उन्हें हठ योग और विन्यास को पुनर्जीवित करने का श्रेय दिया जाता है। उनका जन्म 18 नवंबर 1888 को मैसूर के चित्रदुर्ग जिले में हुआ था और 1989 में करीब 100 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था। उन्होंने हिमालय की गुफाओं में योग की बारीकियां सीखीं और योग के जरिए वे अपनी सांसों और दिल की धड़कनों तक को नियंत्रित कर सकते थे। 1938 में उन्होंने योग आसनों पर एक मूक फिल्म भी बनाई थी। कृष्ण पट्टाभि जोइस<br>योग की अष्टांग विन्यास शैली को विकसित करने का श्रेय श्री कृष्ण पट्टाभि जोइस को जाता है, जिनका जन्म 26 जुलाई 1915 को कर्नाटक के एक गांव में हुआ था। उन्होंने 'अष्टांग योग' को पूरी दुनिया में फैलाने के साथ-साथ मैसूर में अष्टांग योग अनुसंधान संस्थान की भी स्थापना की। उनका नाम कुछ विवादों से भी जुड़ा और करीब 93 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।</p>
<p style="text-align: justify;">परमहंस योगानंद<br>परमहंस योगानंद का जन्म 5 जनवरी 1893 को गोरखपुर में एक बंगाली परिवार में हुआ था। बचपन में उनका नाम मुकुंद लाल घोष था। उनके माता-पिता क्रियायोगी लाहिड़ी महाशय के शिष्य थे और घटनाओं ने ऐसा मोड़ लिया कि मुकुंद लाल लाहिड़ी महाशय से बहुत प्रभावित हुए और वे मुकुंद लाल से परमहंस योगानंद बन गए। उन्होंने अपनी पुस्तक 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगी' के माध्यम से पश्चिमी दुनिया को ध्यान और क्रिया योग से परिचित कराया। उनकी एक और पुस्तक 'सेल्फ रियलाइजेशन फेलोशिप लेसन' भी काफी लोकप्रिय हुई।</p>
<p style="text-align: justify;">स्वामी शिवानंद सरस्वती</p>
<p style="text-align: justify;">स्वामी शिवानंद सरस्वती का जन्म 8 सितंबर 1887 को तमिलनाडु में हुआ था। वे पेशे से डॉक्टर थे और संन्यास के बाद उन्होंने अपना जीवन ऋषिकेश में बिताया। उन्होंने योग, वेदांत और कई अन्य विषयों पर करीब 300 किताबें लिखीं। उनका 'शिवानंद योग वेदांत' नाम से एक योग केंद्र है। उन्होंने 1932 में शिवानंदाश्रम और 1936 में दिव्य जीवन संघ की स्थापना की।</p>
<p style="text-align: justify;">महर्षि महेश योगी</p>
<p style="text-align: justify;">'ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन' के जरिए महर्षि महेश योगी ने दुनियाभर में लाखों लोगों को अपना अनुयायी बनाया। उनके शिष्यों में कई मशहूर हस्तियां भी शामिल हैं। महर्षि महेश योगी का जन्म 12 जनवरी 1918 को छत्तीसगढ़ के एक गांव में हुआ था और उनका असली नाम महेश प्रसाद वर्मा था। उन्होंने इलाहाबाद से दर्शनशास्त्र में स्नातकोत्तर किया। हिमालय में उन्होंने अपने गुरु से ध्यान और योग की शिक्षा ली। ब्रिटेन के मशहूर रॉक बैंड द बीटल्स के सदस्य उन्हें आध्यात्मिक गुरु मानते थे। श्री श्री रविशंकर भी महर्षि महेश योगी के शिष्य हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">योग आसन शरीर, मन और आत्मा को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। शारीरिक और मानसिक संतुलन, तनाव और चिंता, ताकत, शरीर में लचीलापन और आत्मविश्वास पैदा करने के लिए भी योग अच्छा माना जाता है। योग के माध्यम से शरीर को कई बीमारियों से मुक्त रखा जा सकता है और यही कारण हैं कि आज पूरी दुनिया में लोग योग को अपना रहे हैं।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 21 Jun 2024 02:21:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>न्यूज़ तरंग डेस्क</dc:creator>
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        <title>विश्व रक्तदाता दिवस पर 27 लोगों ने रक्तदान किया , रक्तदानियों को किया गया सम्मानित</title>
        <link>https://newstarang.in/विश्व-रक्तदाता-दिवस-पर-27-लोगों-ने-रक्तदान-किया-रक्तदानियों-को-किया-गया-सम्मानित</link>
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        <description><![CDATA[ <p><span style="background-color: rgb(246, 0, 165); color: rgb(236, 240, 241);">Publish On : 06/14/2024 7:40:07 PM</span></p>
<p style="text-align: justify;">कुशीनगर। विश्व रक्तदाता दिवस प्रत्येक वर्ष 14 जून को पुरे विश्व मे एक अभियान के रूप मे मनाया जाता है। इसके अंतर्गत कुशीनगर ब्लड बैंक मे भी रक्तदाता सम्मान समारोह एवं रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। यह दिवस वैज्ञानिक कार्ल लैंड स्टाइनर के जन्मदिन के उपलक्ष्य मे मनाया जाता है । इनका जन्म 14 जून 1868 मे हुआ था । इन्हें रक्तसमूह की खोज के लिए नोबेल पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। यह जानकारी ब्लड बैंक संचालक राजीव तिवारी ने दी।</p>
<p style="text-align: justify;">कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद कुशीनगर की अध्यक्ष किरन राकेश जयसवाल जी इन्होंने रक्तदान को जीवन का सर्वश्रेष्ठ दान बताया। रोटरी के संरक्षक राकेश जायसवाल ने कहा कि कुशीनगर ब्लड बैंक के द्वारा सदैव जरूरतमंद लोगों की सहायता हेतु तत्पर रहता है।</p>
<p style="text-align: justify;"></p>
<p style="text-align: justify;">आज इस कार्यक्रम मे रोटरी क्लब कुशीनगर, पुलिस मित्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कसया और नियमित रक्तदाताओं ने बाढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। रोटरी क्लब कुशीनगर के अध्यक्ष श्री वाहिद अली जी ने बताया की रक्तदान से बड़ा पुण्य का काम कोई नहीं है , उन्होंने जनमानस से निवेदन किया की रक्तदान मे बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले और बहुमूल्य जीवन का उपहार दें । </p>
<p style="text-align: justify;"></p>
<p style="text-align: justify;">पुलिस मित्र टीम से श्री अभिमन्यु तिवारी जो नियमित रक्तदाता है उन्होंने बतया की युवाओं को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसया के चिकित्सा अधीक्षक डॉ मुकेश यादव ने रक्तदाताओं को रक्तदान के विषय मे विस्तार पूर्वक जानकारी दी।</p>
<p style="text-align: justify;"></p>
<p style="text-align: justify;">औषधि नियंत्रक श्री दीपक पाण्डेय ने कहा की कुशीनगर ब्लड बैंक इस जनपद वासियो के लिए वरदान साबित हो रहा है इस ब्लड मे सभी मानको को पूर्ण किया जाता है। यह ब्लड बैंक एक मॉडल ब्लड बैंक के रूप मे है।इस कार्यक्रम का संचालन बिग एफ. एम. गोरखपुर के आर. जे अनुराग एवं दीप्ति अनुराग ने किया।</p>
<p style="text-align: justify;"></p>
<p style="text-align: justify;">आज इस अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर में स्व रक्तदाताओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया जिसमे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अध्यक्ष डॉ. मुकेश यादव, सरोज यादव, डॉ. विजय शंकर सिंह, रोटरी क्लब के अध्यक्ष वाहिद अली, सचिव अजय सिंह, कोषाध्यक्ष दुर्गेश चतुर्वेदी, हिंद नाउटाइम्स मीडिया के रामआशीष यादव, नवदीप संदेश के विनय सिंह, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के मंडल उपाध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी, पुलिस मित्र के अभिमन्यु तिवारी, सेवा साथी फाउंडेशन के जीतेन्द्र प्रजापति, साजन पाण्डेय, अभिमन्यु आर्य, जैन अहमद, विवेक रावत, पंकज कुमार सिंह, रितेश कुमार सिंह, मानवेंद्र सिंह, मनोज गुप्ता, गोविंद तिवारी, पुनीत मिश्र, रवि प्रकाश ने स्वैच्छिक रक्तदान किया</p>
<p style="text-align: justify;">रक्तदाता सम्मान समारोह मे रक्तदाताओ को मेडल,प्रशस्ति पत्र, उपहार इत्यादि दिया गया, उसके बाद सभी रक्तदाताओं के साथ रात्रि भोजन का भी आयोजन हुआ।</p>
<p style="text-align: justify;">ब्लड बैंक के मेडिकल ऑफिसर डॉ अभिषेक मालवीय और डॉ विकास राय ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया।इस कार्यक्रम मे फैयाज खान, अखिलेश शर्मा, आदिल खान, महेंद्र तिवारी एवं नगर के गणमान्य ब्यक्ति तथा पत्रकार बंधुओं समेत कई लोग मौजूद रहे।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 11:41:44 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Ajay Singh (एडिटर)</dc:creator>
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