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    <title>Hindi News, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar , Crime News, Breaking News in Hindi, &amp; : लखनऊ</title>
    <link>https://newstarang.in/rss/category/लखनऊ</link>
    <description>Hindi News, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar , Crime News, Breaking News in Hindi, &amp; : लखनऊ</description>
    <dc:language>en</dc:language>
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    <dc:rights>Copyright 2023 News Tarang &amp; All Rights Reserved.</dc:rights>
    <item>
        <title>उत्तर प्रदेश के सभी स्कूलों में &amp;quot;वंदे मातरम&amp;quot; गाना अनिवार्य : मुख्यमंत्री योगी</title>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि अब उत्तर प्रदेश के सभी स्कूलों में "वंदे मातरम" गाना अनिवार्य होगा। यह घोषणा सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती समारोह के दौरान की गई, जहाँ मुख्यमंत्री योगी ने वंदे मातरम को राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण अंग बताया।</p>
<p style="text-align: justify;">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक समारोह में शामिल होने गोरखपुर पहुँचे। यह कार्यक्रम सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह अभियान के तहत एकता यात्रा और राष्ट्रगान वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा था। समारोह के दौरान, योगी आदित्यनाथ ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं।</p>
<p style="text-align: justify;"></p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए देश भर में कई कार्यक्रम चला रही है। इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक स्कूल में "वंदे मातरम" गाना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम ने भारत की सुप्त चेतना को जागृत किया और स्वतंत्रता आंदोलन में सभी को एकजुट किया।</p>
<p style="text-align: justify;">योगी की इस घोषणा को वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालाँकि, वंदे मातरम को लेकर देश में पहले से ही राजनीति गरमा गई है और कई संगठनों ने इसे संविधान के विरुद्ध बताते हुए इसे जबरन लागू करने की बात कही है।</p>
<p style="text-align: justify;">हर क्रांतिकारी ने वंदे मातरम का सम्मान किया - योगी<br>योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि 1876 के बाद कोई भी क्रांतिकारी ऐसा नहीं हुआ जिसने वंदे मातरम का विरोध किया हो। योगी ने कहा कि छात्र, युवा और बच्चे समेत सभी लोग वंदे मातरम में विश्वास रखते हुए स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हुए थे। उन्होंने यह भी कहा कि वंदे मातरम स्वतंत्रता संग्राम के लिए लड़ने वालों का एकमात्र जीवन मंत्र बन गया था।</p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस ने इसे सांप्रदायिक बताकर इसे बदलने की कोशिश की - योगी<br>मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इसे सांप्रदायिक बताकर इसे बदलने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कहा कि श्लोक 5 और 6 का पाठ क्यों किया जाए, यह तो सिर्फ़ दो श्लोकों में हो सकता है। योगी ने कहा, "मेरा मानना ​​है कि कोई भी व्यक्ति, जाति या धर्म देश से बड़ा नहीं हो सकता। अगर हमारी आस्था राष्ट्रीय अखंडता में बाधा डालती है, तो हमें उसे त्याग देना चाहिए।"</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 10 Nov 2025 12:08:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Ajay Singh (एडिटर)</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>यूपी से दिल्ली तक पक रहा है खिचड़ी,किसे मिलेगा सियासत का सत्ता</title>
        <link>https://newstarang.in/यूपी-से-दिल्ली-तक-पक-रहा-है-खिचड़ीकिसे-मिलेगा-सियासत-का-सत्ता</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: justify;">केशव प्रसाद मौर्य ने दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। करीब एक घंटे तक मुलाकात चली। प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने भी मुलाकात की है। उपचुनाव में 10 में से 7 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम योगी ने आज सुबह 11 बजे भाजपा कोटे के मंत्रियों की बैठक बुलाई है। सहयोगी दलों से आशीष पटेल और संजय निषाद को भी बुलाया गया है।</p>
<p style="text-align: justify;">लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद उत्तर प्रदेश भाजपा में घमासान मचा हुआ है। 48 घंटे के अंदर केशव प्रसाद मौर्य की जेपी नड्डा से दूसरी मुलाकात चर्चा में है। कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। दिल्ली में सियासी हलचल उस वक्त तेज हो गई जब यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भाजपा मुख्यालय पहुंचे। दोनों नेताओं ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक की। केशव प्रसाद मौर्य और भूपेंद्र चौधरी के दिल्ली दौरे के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। प्रदेश सरकार और संगठन के बीच जबरदस्त तनातनी चल रही है।</p>
<p style="text-align: justify;">केशव प्रसाद मौर्य ने कार्यसमिति की बैठक में संगठन को सरकार से बड़ा बताया था। हालांकि सूत्रों के मुताबिक बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने यूपी के दोनों नेताओं से मुलाकात के दौरान राज्य के चुनावी समीकरणों पर चर्चा की है। कार्यकर्ताओं में जोश भरने की योजना प्रदेश की 10 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के समीकरणों पर चर्चा की गई है और इन 10 सीटों पर हर हाल में बेहतर प्रदर्शन की रणनीति बनाई गई।</p>
<p style="text-align: justify;">मिली जानकारी के मुताबिक बीजेपी उत्तर प्रदेश के उपचुनाव में 10 में से 7 सीटें जीतने के लिए चुनावी रणनीति बना रही है। इसे लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा ने केशव मौर्य और भूपेंद्र चौधरी के साथ बैठक की है। बैठक में यूपी में पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने को लेकर भी चर्चा हुई और जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने पर बातचीत हुई।</p>
<p style="text-align: justify;">सूत्रों के मुताबिक जेपी नड्डा की केशव प्रसाद मौर्य और भूपेंद्र यादव से मुलाकात पहले से तय थी और यह अचानक बुलाई गई बैठक नहीं थी। यूपी कार्यकारिणी की बैठक के दौरान ही नड्डा ने सीएम योगी से वन-टू-वन मीटिंग की थी, जबकि केशव प्रसाद मौर्य और भूपेंद्र यादव के साथ मीटिंग बाकी थी और उसी दिन मीटिंग करने का फैसला हुआ।</p>
<h2 style="text-align: justify;"><strong>सीएम योगी ने उपचुनाव को लेकर मीटिंग बुलाई</strong></h2>
<p style="text-align: justify;">इधर, सीएम योगी आदित्यनाथ ने 10 सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर आज सुबह 11 बजे मंत्रियों की मीटिंग बुलाई है। यह मीटिंग मुख्यमंत्री आवास 5 कालिदास मार्ग पर होगी। इस मीटिंग में सहयोगी पार्टी के नेता आशीष पटेल और संजय निषाद को भी बुलाया गया है। मीटिंग में सीएम योगी सभी मंत्रियों से फीडबैक लेंगे और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। इस मीटिंग से पहले 30 जून को हुई मीटिंग में योगी ने 10 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में मंत्रियों की ड्यूटी लगाई थी।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 17 Jul 2024 03:30:49 +0530</pubDate>
        <dc:creator>न्यूज़ तरंग डेस्क</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>बीजेपी के ख़राब प्रदर्शन को लेकर बड़ा बखेड़ा,आखिर क्या चाहता है हाई कमान</title>
        <link>https://newstarang.in/बीजेपी-के-ख़राब-प्रदर्शन-को-लेकर-बड़ा-बखेड़ा</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: justify;">लोकसभा चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा. खासकर उत्तर प्रदेश में. वह सिर्फ 33 सीटें ही जीत पाई. इस प्रदर्शन के बाद यूपी बीजेपी नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निशाने पर हैं. पार्टी के कई नेता खुलकर बयान दे रहे हैं. लेकिन इन सबके बीच योगी आदित्यनाथ के पास एक मौका भी है और वो मौका है</p>
<p style="text-align: justify;">उपचुनाव. जब नतीजे आपके पक्ष में होते हैं तो सब कुछ अच्छा लगता है, लेकिन जब नतीजे आपके खिलाफ होते हैं तो खामियां और कमजोरियां सामने आने लगती हैं. कुछ ऐसा ही यूपी बीजेपी में हो रहा है. पार्टी लोकसभा चुनाव में राज्य में सिर्फ 33 सीटें ही जीत पाई. इतना खराब प्रदर्शन कैसे हुआ, इसे लेकर पार्टी में चर्चा चल रही है. पार्टी के कुछ नेता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं. जो नेता पहले दबी जुबान में बोलते थे, वे अब खुलकर सामने आ रहे हैं. राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. कहा तो यह भी जा रहा है कि दोनों उपमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बैठकों से नदारद रहते हैं।</p>
<p style="text-align: justify;"> ये बातें बताती हैं कि लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद योगी आदित्यनाथ कमजोर पड़ गए हैं। लेकिन पार्टी में उठ रहे विरोध के सुरों के बीच योगी आदित्यनाथ के पास अपनी ताकत दिखाने का मौका भी है। वह आगामी विधानसभा उपचुनाव में अपनी ताकत दिखा सकते हैं। प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। फिलहाल इनमें से 5 सीटें एनडीए और 5 सीटें सपा के खेमे में हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">अगर बीजेपी इन 10 सीटों पर अच्छा प्रदर्शन करती है तो जाहिर तौर पर योगी आदित्यनाथ को ताकत मिलेगी और खुलकर अपने विचार रखने वाले विरोधी भी काफी हद तक शांत हो जाएंगे। जिन सीटों पर उपचुनाव होने हैं उनमें फूलपुर, खैर, गाजियाबाद, मझवां, मीरापुर, मिल्कीपुर, करहल, कटेहरी और कुंदरकी और सीसामऊ शामिल हैं। सीसामऊ को छोड़कर बाकी 9 सीटों के विधायक लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बन चुके हैं, जबकि सीसामऊ सीट सपा नेता इरफान सोलंकी की सदस्यता रद्द होने से खाली हुई है। सीएम योगी आदित्यनाथ भी जानते हैं कि उपचुनाव विरोधियों को शांत करने का अच्छा मौका होता है। यही वजह है कि वह एक्शन में हैं।</p>
<p style="text-align: justify;"> उन्होंने बुधवार को मंत्रियों की बैठक भी बुलाई है। सीएम योगी चुनाव की तैयारियों को लेकर मंत्रियों से फीडबैक लेंगे। इससे पहले सीएम योगी ने 30 जून को भी बैठक की थी, जिसमें उन्होंने मंत्रियों को उपचुनाव में ड्यूटी सौंपी थी। सपा के किले में सेंध लगाना चुनौती जिन 10 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं, उनमें से 5 सपा का किला मानी जाती हैं। ये सीटें करहल, कुंदरकी, कटहरी, सीसामऊ और मिल्कीपुर हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव करहल से विधायक हैं। वह अब सांसद बन चुके हैं। वह कन्नौज से जीतकर लोकसभा पहुंचे हैं। वहीं, मिल्कीपुर सीट अयोध्या के अंतर्गत आती है। अवधेश प्रसाद यहां से 9 बार विधायक रह चुके हैं। उनके सांसद बनने के बाद यह सीट खाली हुई है।</p>
<p style="text-align: justify;">कठारी अंबेडकरनगर की सीट है। यहां से सपा के लालजी वर्मा विधायक थे। वह अंबेडकरनगर लोकसभा सीट से सांसद बन चुके हैं। कुंदरकी सीट मुरादाबाद के अंतर्गत आती है। यह मुस्लिम बहुल है। इसे सपा का गढ़ माना जाता है। जियाउर्रहमान वर्क यहां से विधायक थे, लेकिन इस बार वह संभल लोकसभा सीट से जीतकर सांसद बन गए हैं।</p>
<p style="text-align: justify;">'अपनों' को संभालना भी चुनौती<br>हालांकि, उपचुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ को यूपी बीजेपी में सबकुछ ठीक करना होगा। उन्हें 'अपनों' को संभालना होगा। उन नेताओं पर ध्यान देना होगा, जिनके बयान नुकसान पहुंचा सकते हैं। संगठन और सरकार के बीच चीजों को ठीक करना होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने यूपी बीजेपी कार्यसमिति में कहा था कि संगठन सरकार से ऊपर है। कोई भी व्यक्ति या सरकार संगठन से बड़ी नहीं हो सकती। उन्होंने मजदूरों का भी जिक्र किया और कहा कि जो दर्द आपका है, वही हमारा भी है। केशव मौर्य ने जब यह कहा तो खूब तालियां बजीं, लेकिन उनका संबोधन सवाल भी छोड़ गया।</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि उस बैठक में सीएम योगी ने उपचुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को संदेश भी दिया था। सीएम योगी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में यूपी की हार अति आत्मविश्वास की हार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने जिस तरह से सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया, उसका हम मुकाबला नहीं कर सके। उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं को यह टास्क भी दिया कि उपचुनाव में सभी को अपनी ताकत दिखानी होगी।</p>
<p style="text-align: justify;"> सीएम योगी की साख का सवाल उपचुनाव भाजपा के साथ-साथ योगी आदित्यनाथ की साख का सवाल है। इसमें अगर जीत मिलती है तो यह लोकसभा चुनाव में मिली हार पर मरहम का काम करेगी। इसलिए सीएम योगी ने मंत्रियों से अभी से क्षेत्रों में रहकर हर हाल में जीत दर्ज करने को कहा है। वहीं उपचुनाव की तारीखों के जल्द ही ऐलान की संभावना को देखते हुए भाजपा में टिकटों की भागदौड़ भी शुरू हो गई है। विधायक से सांसद बने नेता अपने परिवार के सदस्य को टिकट दिलाने में जुटे हैं। वहीं कई पूर्व सांसद और विधायक भी टिकट की दौड़ में शामिल हैं।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 17 Jul 2024 03:11:37 +0530</pubDate>
        <dc:creator>न्यूज़ तरंग डेस्क</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>आखिर क्यों हुआ UP में बीजेपी की परफॉर्मेंस क्यों हुई खराब,रिपोर्ट होगी पेश</title>
        <link>https://newstarang.in/आखिर-क्यों-हुआ-up-में-बीजेपी-की-परफॉर्मेंस-क्यों-हुई-खराबरिपोर्ट-होगी-पेश</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: justify;">भाजपा के केंद्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष आज लखनऊ के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान उन्हें समीक्षा रिपोर्ट सौंपी जाएगी। बीएल संतोष इन सभी समीक्षा रिपोर्ट पर मंथन करेंगे। इस बैठक में भाजपा की हारी हुई लोकसभा सीटों के प्रभारियों को भी बुलाया गया है।</p>
<p style="text-align: justify;">पार्टी नेताओं के बीच अंदरूनी कलह से लेकर सही प्रत्याशियों का चयन न करने तक हर मुद्दे पर चर्चा होगी। उत्तर प्रदेश में भाजपा के खराब प्रदर्शन को लेकर समीक्षा रिपोर्ट तैयार की गई है। पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर सभी हारी हुई सीटों की रिपोर्ट तैयार की गई है। रिपोर्ट तैयार करने के लिए भाजपा ने चालीस नेताओं की टास्क फोर्स बनाई थी। इस लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 75 सीटों पर और उसके सहयोगी दलों ने 5 सीटों पर चुनाव लड़ा था।</p>
<p style="text-align: justify;">भाजपा इस बार सिर्फ 33 सीटें ही जीत पाई। इस तरह से उसे 29 सीटों का नुकसान हुआ। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के 62 और सहयोगी दल अपना दल के 2 सांसद चुने गए थे। उत्तर प्रदेश में भाजपा के खराब प्रदर्शन को लेकर समीक्षा रिपोर्ट तैयार की गई है। पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर सभी हारी हुई सीटों की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। रिपोर्ट तैयार करने के लिए भाजपा ने 40 नेताओं की टास्क फोर्स बनाई थी।</p>
<p style="text-align: justify;"> इस लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 75 और उसके सहयोगी दलों ने 5 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इस बार भाजपा सिर्फ 33 सीटें ही जीत पाई। इस तरह से उसे 29 सीटों का नुकसान हुआ। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के 62 और सहयोगी दल अपना दल के 2 सांसद चुने गए थे।</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक की योजना:</strong> भाजपा की विस्तारित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक इसी महीने की 14 तारीख को होगी। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल होंगे। आमतौर पर इस बैठक में भाजपा के जिला अध्यक्षों को बुलाया जाता है, लेकिन इस बार पार्टी के मंडल अध्यक्ष भी इसमें शामिल होंगे। एक विधानसभा में तीन से छह मंडल अध्यक्ष होते हैं।</p>
<p style="text-align: justify;"> सूत्रों ने बताया कि प्रदेश कार्यकारिणी में 1918 मंडल अध्यक्षों को बुलाया गया है। पार्टी की कोशिश चुनाव नतीजे खराब होने के बाद सबको साथ लेकर चलने की है। बीएल संतोष इस बैठक के एजेंडे के बारे में भी पार्टी नेताओं से बात करेंगे।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 02:44:26 +0530</pubDate>
        <dc:creator>न्यूज़ तरंग डेस्क</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>यूपी में अगले चार&amp;पांच दिन तक तेज बारिश, जाने अपने सहर गाँव का हाल</title>
        <link>https://newstarang.in/यूपी-में-अगले-चार-पांच-दिन-तक-तेज-बारिश-जाने-अपने-सहर-गाँव-का-हाल</link>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: justify;">लखनऊ। 30 जून को मानसून के प्रवेश के बाद से ही उत्तर प्रदेश में बारिश मेहरबान है। पूरे प्रदेश में मध्यम और भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले 4-5 दिनों के लिए बारिश को लेकर पूर्वानुमान भी जारी किया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि पूरे प्रदेश में बारिश होगी। हालांकि तराई के जिलों पीलीभीत, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।</p>
<p style="text-align: justify;">अमौसी स्थित आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसून की टर्फ लाइन दक्षिण में स्थित है और वहां से शिफ्ट हो रही है। इसलिए पूरे प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। हालांकि 5 और 6 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को अलर्ट रहने को भी कहा है।</p>
<p style="text-align: justify;">किसान कर रहे धान की रोपाई<br>मानसून के आने और अच्छी बारिश होने से किसानों ने धान की रोपाई भी शुरू कर दी है। इस बार कृषि विभाग ने यूपी में 61 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्रफल में धान की खेती का लक्ष्य रखा है। आमतौर पर 58 से 59 लाख हेक्टेयर में धान की खेती होती है। कृषि विभाग का कहना है कि अगर मानसून में और देरी होती तो धान की रोपाई में दिक्कतें आतीं। लेकिन 30 जून से ही प्रदेश में अच्छी बारिश हो रही है। इसलिए किसान तेजी से धान की रोपाई में जुटे हैं।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 04 Jul 2024 23:56:00 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Rakhi Nigam</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>पत्रकारों को दिया जाय पत्रकार सुरक्षा कानून: अजय प्रताप</title>
        <link>https://newstarang.in/पत्रकारों-को-दिया-जाय-पत्रकार-सुरक्षा-कानून-अजय-प्रताप</link>
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        <description><![CDATA[ <h3><strong> अगस्त में होगा प्रदेश भर के पत्रकारों का लखनऊ में जमावड़ा</strong></h3>
<h3>एबीपीएसएस द्वारा सभी मंडलों में कार्यशाला आयोजित करने का निर्णय</h3>
<p style="text-align: justify;">लखनऊ। अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक में पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को जोरदार तरीके से उठाए जाने के साथ साथ कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति की एक बैठक महिला विंग की प्रदेश संयोजक वरिष्ठ पत्रकार मनीषा सिंह चौहान की अध्यक्षता में लखनऊ के आलमबाग में संपन्न हुई जिसको संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष अजय प्रताप नारायण सिंह ने कहा कि पत्रकारों को पत्रकार सुरक्षा कानून मिलना चाहिए सरकार को इस दिशा में त्वरित कदम उठाना चाहिए। </p>
<p style="text-align: justify;">श्री सिंह ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा का कोई उपाय नहीं है पत्रकार जान जोखिम में डालकर अपना कर्तव्य निभाता है और कई जगह पत्रकार के साथ अप्रिय घटना भी हो जाती है फिर भी सुरक्षा का कोई उपाय नहीं।  पत्रकारों की बैठक में उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति द्वारा इस सप्ताह से पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग हेतु हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा और महीने के आखिरी सप्ताह में राज्य और केंद्र सरकार के रहनुमाओं तक पहुंचाया जाएगा।</p>
<p style="text-align: justify;">श्री सिंह ने सहारनपुर के वरिष्ठ पत्रकार और संगठन के साथी सुनील चौधरी को मिली धमकी की निंदा करते हुए कहा कि इस संबंध में मुख्य मंत्री को पत्रक देकर कारगर करवाई की मांग की जाएगी जरूरत पड़ी तो एबीपीएसएस के साथी सहारनपुर कुच करेंगे। बैठक में यह तय किया गया कि जल्द से जल्द प्रदेश की सभी जिला इकाइयों सहित प्रदेश कमेटी को पुनर्गठित कर लिया जाएगा और सभी मंडलों में एक कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। बैठक में सर्व सम्मति से यह निर्णय लिया गया की अगस्त माह में प्रदेश भर के एबीपीएसएस से जुड़े पत्रकारों का एक महासम्मेलन किया जायेगा जिसकी तैयारी हेतु जल्द ही एक आयोजन समिति गठित की जाएगी। </p>
<p style="text-align: justify;">बैठक की अध्यक्षता बुंदेलखंड के वरिष्ठ पत्रकार विष्णु  कांत चतुर्वेदी ने किया तथा संचालन संगीता सिंह पत्रकार लखनऊ ने किया। उक्त बैठक में राजेश सिंह सूर्यवंशी, दिलीप यादव, विजय कुमार राव, नदीम आजमगढ़ी, ज्योतिका पांडेय, दिनेश सिंह, अजय कुमार सिंह, संतोष सिंह, सूर्य कुमार पटेल, विनय उपाध्याय, रमेश मिश्रा आदि मौजूद रहे और वाराणसी से वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत सिंह, जेवर से अशोक छौंकर, सीतापुर से अपर्णा मिश्रा, गोरखपुर से एस सी सिंह चंदन, मेरठ से जफरयाब राव, सहारनपुर से अशोक गुप्ता आदि ने समय से बैठक में पहुंच न पाने की स्थिति में फोन कर सभी को अपने विचारों से अवगत कराते हुए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 02 Jul 2024 03:31:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Ajay Singh (एडिटर)</dc:creator>
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        <title>बाबा का  बुलडोजर एक्शन में  1 करोड़ का जुर्माना , यूपी में पेपर लीक पर नया कानून</title>
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        <description><![CDATA[ <p style="text-align: justify;">लखनऊ: प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक का मुद्दा इन दिनों चर्चा में है. हाल ही में यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, अब नीट और यूजीसी नेट के पेपर लीक होने के बाद पूरे देश में बवाल मचा हुआ है. छात्रों से लेकर राजनेता तक सभी इसके खिलाफ सड़कों पर हैं. इस बीच यूपी की योगी सरकार पेपर लीक रोकने और सॉल्वर गैंग पर लगाम लगाने के लिए नया कानून लाने जा रही है।</p>
<p style="text-align: justify;">नए कानून में पेपर लीक और सॉल्वर गैंग जैसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान होगा. इसमें भारी जुर्माना, बुलडोजर कार्रवाई से लेकर जेल तक का प्रावधान भी होगा. इस बीच योगी सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए नई नीति की भी घोषणा की है. जिसके तहत हर शिफ्ट में 2 या उससे अधिक पेपर सेट होने चाहिए।</p>
<p style="text-align: justify;">हर सेट का प्रश्नपत्र अलग-अलग एजेंसियों के जरिए छपवाया जाएगा. पेपर कोडिंग की भी आगे व्यवस्था की जाएगी. चयन परीक्षाओं के लिए सिर्फ सरकारी माध्यमिक, डिग्री कॉलेज, विश्वविद्यालय, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज या साफ-सुथरे ट्रैक रिकॉर्ड वाले प्रतिष्ठित सुविधा संपन्न वित्त पोषित शिक्षण संस्थानों को ही केंद्र बनाया जाएगा. केंद्र वहीं होंगे जहां सीसीटीवी की व्यवस्था होगी. चार अलग-अलग एजेंसियों की अलग-अलग जिम्मेदारी होगी ।</p>
<p style="text-align: justify;">एक भर्ती परीक्षा कराने के लिए चार एजेंसियों की अलग-अलग जिम्मेदारी होगी। अभ्यर्थियों को अपने गृह मंडल से बाहर परीक्षा देने जाना होगा। दिव्यांगों और महिलाओं पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। 4 लाख से अधिक अभ्यर्थी होने पर परीक्षा दो चरणों में कराई जाएगी। पीसीएस परीक्षा एक ही पाली में कराने की छूट है। रिजल्ट तैयार करने में धांधली रोकने के लिए आयोग और बोर्ड में ही ओएमआर शीट स्कैन कराई जाएंगी।</p>
<p style="text-align: justify;">प्रश्नपत्रों में होंगे गुप्त कोड</p>
<p style="text-align: justify;">इतना ही नहीं, प्रश्नपत्रों में गुप्त कोड भी होंगे। प्रश्नपत्र के हर पन्ने पर यूनिक बारकोड, क्यूआर कोड, यूनिक सीरियल नंबर जैसे गोपनीय सुरक्षा चिह्न दर्ज करने होंगे। ताकि जरूरत पड़ने पर इसकी सीरीज के बारे में जानकारी ली जा सके। प्रश्नपत्र लाने और ले जाने वाले बक्सों में टैम्पर प्रूफ मल्टी लेयर पैकेजिंग होगी। प्रश्नपत्र सेट करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा। प्रश्नपत्र छापने वाली एजेंसी का परीक्षा नियंत्रक द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा।</p>
<p style="text-align: justify;">प्रिंटिंग प्रेस में मोबाइल और कैमरा ले जाने पर रोक प्रिंटिंग प्रेस के चयन में पूरी गोपनीयता बरती जाएगी। प्रेस में आने-जाने वाले लोगों की चेकिंग की जाएगी। सभी के पास आईडी कार्ड होना अनिवार्य होगा। किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रेस में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। प्रेस में स्मार्टफोन और कैमरा ले जाने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। प्रेस के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और इसकी रिकॉर्डिंग 1 साल तक सुरक्षित रखी जाएगी।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 21 Jun 2024 03:35:36 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Vijay Rao</dc:creator>
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