10 मर्दों के साथ 7 फेरे , फिर लगाया रेप का आरोप हनीट्रैप को भी छोड़ा पीछे

कर्नाटक में एक महिला ने 10 पुरुषों से शादी की। उनके साथ संबंध बनाए। फिर उन सभी पर बलात्कार का आरोप लगाया। इनमें से एक मामला जब कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंचा तो महिला की पोल खुल गई। पता चला कि महिला धोखाधड़ी करती है। इसके बाद कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक और महानिरीक्षक (DG-IGP) को निर्देश दिया कि वे इस महिला की जानकारी सभी पुलिस स्टेशनों तक पहुंचाएं और उन्हें उसकी शिकायतों के प्रति सावधानी बरतने को कहें।
देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई तरह के कानून हैं। लेकिन कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं जो इसका गलत फायदा उठाती हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया जहां एक महिला ने 10 पुरुषों के साथ कुछ ऐसा किया, जिसे जानकर कर्नाटक हाईकोर्ट के जज भी हैरान रह गए। महिला कानून का गलत इस्तेमाल करती थी। वह निर्दोष युवकों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करती थी। इसलिए कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक और महानिरीक्षक (DG-IGP) को निर्देश दिया। कहा- आप उस महिला की जानकारी डिजिटल तरीके से राज्य भर के पुलिस स्टेशनों तक पहुंचाएं और उन्हें उसकी शिकायतों के प्रति सावधानी बरतने को कहें।
जानकारी के मुताबिक महिला का नाम दीपिका है। उसने 10 पुरुषों से शादी की। अपनी मर्जी से उनके साथ संबंध बनाए। फिर उन पर बलात्कार का आरोप लगाया। इस पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। यहां कॉफी बागान मालिक नितिन (काल्पनिक नाम) के खिलाफ कोर्ट में मामला आया। एक महिला ने आरोप लगाया था कि नितिन ने उससे शादी की और फिर उसे छोड़ दिया। लेकिन जैसे ही मामले की जांच हुई, आरोप गलत साबित हुए। इसके उलट उस महिला की असलियत सबके सामने आ गई। इस पर कोर्ट ने नितिन पर लगे आरोपों को रद्द करने का आदेश दिया।
कोडागु जिले के कुशालनगर में रहने वाले नितिन और दीपिका की मुलाकात 28 अगस्त 2022 को मैसूर के होटल ललित महल पैलेस में एक बिजनेस वर्क के सिलसिले में हुई थी। इसी दौरान दोनों के बीच संबंध बन गए। कुछ महीने बाद 8 सितंबर 2022 को दीपिका ने विवेक के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराया। फिर कुशालनगर पुलिस ने दोनों को आपस में मामला सुलझाने को कहा
19 सितंबर 2022 को दर्ज दूसरी शिकायत में महिला ने दावा किया कि विवेक ने उससे शादी की और कुछ समय बाद ही उसे छोड़ दिया। मामला कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंचा। अदालत में विवेक और उसके परिवार के सदस्यों ने दलील दी कि दीपिका द्वारा दर्ज कराए गए 10वें मामले में विवेक पीड़ित है। अपनी दलील में उसने अदालत को बताया कि उसके परिवार के सभी सदस्यों को जबरन इसमें घसीटा गया है।
महिला ने 10 शिकायतें की
न्यायमूर्ति नागप्रसन्ना ने कहा कि 2011 से दीपिका ने अलग-अलग पतियों/साथियों के खिलाफ बलात्कार, क्रूरता, धमकी, धोखाधड़ी आदि के आरोप लगाते हुए 10 शिकायतें दर्ज कराई हैं। उन्होंने कहा कि ज्यादातर शिकायतें बेंगलुरु के विभिन्न पुलिस थानों और चिक्काबल्लापुर और मुंबई में एक-एक दर्ज कराई गई हैं। न्यायाधीश ने बताया कि तीन मामलों में निचली अदालत ने आरोपियों को बरी कर दिया था और पीड़ितों ने दीपिका के खिलाफ जबरन वसूली और अन्य अपराधों का आरोप लगाते हुए पांच शिकायतें दर्ज कराई थीं।
अदालत ने कहा, सभी बरी करने के आदेशों में एक जैसी प्रवृत्ति है। बार-बार नोटिस के बावजूद शिकायतकर्ता अदालत में पेश नहीं होता है। शिकायतकर्ता ने बिना किसी कारण के कई पुरुषों और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ मामले दर्ज कराए हैं। यहां तक कि उन आरोपियों को भी आईपीसी की धारा 376 के तहत बलात्कार के आरोप में हिरासत में लिया गया था। लंबे समय तक हिरासत में रहने के बाद उन्हें जमानत मिल गई।
'महिला की मंशा साफ है'
सुनवाई के दौरान जज ने कहा- यह मामला हनी ट्रैप से भी आगे निकल गया है। महिला की मंशा साफ है। मैं शिकायतकर्ता के कृत्य को एक दशक पुरानी धोखाधड़ी की गाथा मानता हूं। यह सिर्फ एक के खिलाफ नहीं, बल्कि कई लोगों के खिलाफ है। शिकायतकर्ता लगातार झूठ बोल रही है और बिना किसी ठोस सबूत के मामले दर्ज करा रही है। वह हर सुनवाई में लगातार अनुपस्थित रही है। जज ने कहा कि इस कोर्ट के समक्ष भी शिकायतकर्ता एक बार पेश हुई है और कई बार पेश नहीं हुई है। जिस पुलिस थाने में शिकायतकर्ता मामला दर्ज कराना चाहती है, उसे बिना उचित प्रारंभिक जांच किए मामला दर्ज नहीं करना चाहिए। इस प्रवृत्ति को रोकना जरूरी है।