बिमारियों से बचना है तो योग है जरुरी ,योग दिवस पर जानिए 7 योग गुरुओं के बारे में..

योग दिवस के मौके पर जानिए उन योग गुरुओं के बारे में जिनके जरिए पूरी दुनिया में योग का प्रचार-प्रसार हुआ। 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाता है और हम आपको 7 ऐसे योग गुरुओं के बारे में बताएंगे जिनका इतिहास हजारों साल पुराना है

Jun 21, 2024 - 07:51
Jun 21, 2024 - 07:53
बिमारियों से बचना है तो योग है जरुरी ,योग दिवस पर जानिए 7 योग गुरुओं के बारे में..

21 जून को पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। योग को दुनिया से हमारे देश भारत ने ही परिचित कराया था। योग शब्द का सबसे पहला उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है, जिसके बाद कई उपनिषदों में इसका जिक्र हुआ। भारत में कई योग गुरु हुए हैं जिन्होंने योग के ज्ञान को सभी तक पहुंचाने के लिए बहुत कुछ किया।

अगर योग गुरुओं का जिक्र होता है तो सबके दिमाग में बाबा रामदेव का नाम आता है। आम लोगों को योग से जोड़ने में बाबा रामदेव का बहुत बड़ा योगदान है। उनके योग शिविर में सेलिब्रिटीज के साथ-साथ समाज के दूसरे लोग भी आते हैं। लेकिन भारतीय योग के इतिहास में कई ऐसे योग गुरु हैं जिन्होंने योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बहुत कुछ किया।

ऋषि पतंजलि
प्राचीन भारतीय ऋषि पतंजलि ने संस्कृत में कई ग्रंथ लिखे। उनमें से एक है योगसूत्र जिसे योग दर्शन का मूल ग्रंथ माना जाता है। ऋषि पतंजलि का जन्म शुंग वंश के शासनकाल में उत्तर प्रदेश के गोंडा में हुआ था और बाद में उन्होंने काशी को अपना निवास स्थान बनाया। व्याकरणाचार्य पाणिनि के शिष्य पतंजलि को शेषनाग का अवतार माना जाता था। पतंजलि एक महान चिकित्सक थे और उन्हें 'चरक संहिता' का लेखक माना जाता है।

बीकेएस अयंगर
बीकेएस अयंगर एक योग गुरु थे जिन्हें दुनिया के प्रमुख योग गुरुओं में से एक माना जाता है। उन्होंने योग दर्शन पर 'लाइट ऑन योगा', 'लाइट ऑन प्राणायाम' और 'लाइट ऑन द योग सूत्र ऑफ पतंजलि' सहित कई किताबें भी लिखीं। बीकेएस अयंगर का जन्म 14 दिसंबर 1918 को बेल्लूर के एक गरीब परिवार में हुआ था। ऐसा कहा जाता है कि अयंगर बचपन में बहुत बीमार रहते थे और तभी उन्हें योग करने की सलाह दी गई थी। योग से जब उनका स्वास्थ्य ठीक हुआ तो उन्होंने देश-दुनिया में योग के प्रचार-प्रसार का जिम्मा उठाया। उनका एक योग विद्यालय भी है जिसका नाम 'अयंगर योग' है। बीकेएस अयंगर की योग शैली काफी अलग है जिसे 'अयंगर योग' कहा जाता है। टाइम मैगजीन ने साल 2004 में उनका नाम दुनिया के शीर्ष 100 प्रभावशाली लोगों में शामिल किया था।

तिरुमलाई कृष्णमाचार्य

तिरुमलाई कृष्णमाचार्य को आधुनिक योग का जनक कहा जाता है। उन्हें आयुर्वेद का भी ज्ञान था और वे योग और आयुर्वेद की मदद से लोगों को स्वस्थ रहने में मदद करते थे। उन्हें हठ योग और विन्यास को पुनर्जीवित करने का श्रेय दिया जाता है। उनका जन्म 18 नवंबर 1888 को मैसूर के चित्रदुर्ग जिले में हुआ था और 1989 में करीब 100 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था। उन्होंने हिमालय की गुफाओं में योग की बारीकियां सीखीं और योग के जरिए वे अपनी सांसों और दिल की धड़कनों तक को नियंत्रित कर सकते थे। 1938 में उन्होंने योग आसनों पर एक मूक फिल्म भी बनाई थी। कृष्ण पट्टाभि जोइस
योग की अष्टांग विन्यास शैली को विकसित करने का श्रेय श्री कृष्ण पट्टाभि जोइस को जाता है, जिनका जन्म 26 जुलाई 1915 को कर्नाटक के एक गांव में हुआ था। उन्होंने 'अष्टांग योग' को पूरी दुनिया में फैलाने के साथ-साथ मैसूर में अष्टांग योग अनुसंधान संस्थान की भी स्थापना की। उनका नाम कुछ विवादों से भी जुड़ा और करीब 93 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।

परमहंस योगानंद
परमहंस योगानंद का जन्म 5 जनवरी 1893 को गोरखपुर में एक बंगाली परिवार में हुआ था। बचपन में उनका नाम मुकुंद लाल घोष था। उनके माता-पिता क्रियायोगी लाहिड़ी महाशय के शिष्य थे और घटनाओं ने ऐसा मोड़ लिया कि मुकुंद लाल लाहिड़ी महाशय से बहुत प्रभावित हुए और वे मुकुंद लाल से परमहंस योगानंद बन गए। उन्होंने अपनी पुस्तक 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगी' के माध्यम से पश्चिमी दुनिया को ध्यान और क्रिया योग से परिचित कराया। उनकी एक और पुस्तक 'सेल्फ रियलाइजेशन फेलोशिप लेसन' भी काफी लोकप्रिय हुई।

स्वामी शिवानंद सरस्वती

स्वामी शिवानंद सरस्वती का जन्म 8 सितंबर 1887 को तमिलनाडु में हुआ था। वे पेशे से डॉक्टर थे और संन्यास के बाद उन्होंने अपना जीवन ऋषिकेश में बिताया। उन्होंने योग, वेदांत और कई अन्य विषयों पर करीब 300 किताबें लिखीं। उनका 'शिवानंद योग वेदांत' नाम से एक योग केंद्र है। उन्होंने 1932 में शिवानंदाश्रम और 1936 में दिव्य जीवन संघ की स्थापना की।

महर्षि महेश योगी

'ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन' के जरिए महर्षि महेश योगी ने दुनियाभर में लाखों लोगों को अपना अनुयायी बनाया। उनके शिष्यों में कई मशहूर हस्तियां भी शामिल हैं। महर्षि महेश योगी का जन्म 12 जनवरी 1918 को छत्तीसगढ़ के एक गांव में हुआ था और उनका असली नाम महेश प्रसाद वर्मा था। उन्होंने इलाहाबाद से दर्शनशास्त्र में स्नातकोत्तर किया। हिमालय में उन्होंने अपने गुरु से ध्यान और योग की शिक्षा ली। ब्रिटेन के मशहूर रॉक बैंड द बीटल्स के सदस्य उन्हें आध्यात्मिक गुरु मानते थे। श्री श्री रविशंकर भी महर्षि महेश योगी के शिष्य हैं।

योग आसन शरीर, मन और आत्मा को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। शारीरिक और मानसिक संतुलन, तनाव और चिंता, ताकत, शरीर में लचीलापन और आत्मविश्वास पैदा करने के लिए भी योग अच्छा माना जाता है। योग के माध्यम से शरीर को कई बीमारियों से मुक्त रखा जा सकता है और यही कारण हैं कि आज पूरी दुनिया में लोग योग को अपना रहे हैं।

न्यूज़ तरंग डेस्क न्यूज़ तरंग डेस्क: न्यूज तरंग एक भारतीय हिंदी न्यूज़ चैनल है, जो भारत के विभिन्न राज्यों में प्रसारित होता है। यह चैनल खबरों, वार्तालाप, साक्षात्कार, और विशेष कार्यक्रमों का प्रसारण करता है। न्यूज तरंग ने अपने उद्दीपकों और निष्कर्षों के लिए एक नाम बनाया है और वर्तमान समाचारों को सरल भाषा में प्रस्तुत करता है। यह चैनल समाचार का एक व्यापक स्पेक्ट्रम कवर करता है और विभिन्न विषयों पर चर्चा करता है, जैसे कि राजनीति, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, साहित्य, और सामाजिक मुद्दे।