जीका वायरस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट,डॉक्टर और उसकी बेटी पॉजिटिव

Jul 2, 2024 - 07:54
Jul 2, 2024 - 07:56
जीका वायरस  मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट,डॉक्टर और उसकी बेटी पॉजिटिव

पुणे में जीका वायरस के मामले पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। डॉक्टर सभी संक्रमित मरीजों के स्वास्थ्य पर नजर रख रहे हैं। मरीजों में शरीर पर लाल धब्बे, बुखार और मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण देखे गए हैं। इनका इलाज किया जा रहा है।

महाराष्ट्र के पुणे में जीका वायरस के छह मामले सामने आए हैं। इनमें दो गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। इसकी जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। एक अधिकारी ने बताया कि पुणे के एरंडवाने और मुंधवा में जांच के दौरान 6 मरीजों में जीका वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है।

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि एरंडवाने में जीका वायरस के संक्रमण का पहला मामला सामने आया है। यहां 46 वर्षीय डॉक्टर की रिपोर्ट जीका पॉजिटिव आई है। वहीं डॉक्टर की 15 वर्षीय बेटी भी संक्रमित पाई गई है। साथ ही मुंधवा से भी दो मामले सामने आए हैं, जिसमें 47 वर्षीय महिला और 22 वर्षीय युवक शामिल हैं।

जीका वायरस के मामले मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

डॉक्टर जीका वायरस से संक्रमित सभी 6 मरीजों के स्वास्थ्य पर नजर रख रहे हैं। इन मरीजों में शरीर पर लाल धब्बे, बुखार और मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण देखे गए हैं। इनका इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, एडीज मच्छर के काटने से जीका वायरस का संक्रमण व्यक्ति में फैलता है। यह वायरस इसलिए भी ज्यादा खतरनाक है क्योंकि यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता रहता है। हालांकि, शुरुआत में इस वायरस से संक्रमित मरीज में कोई लक्षण नहीं दिखते।

जीका वायरस कब सामने आया?

इस वायरस का पहला मामला 1947 में सामने आया था। युगांडा में इस वायरस का संक्रमण बंदरों में देखा गया था। हालांकि, इंसानों में जीका का पहला मामला 1952 में सामने आया था। पिछले कुछ सालों में अलग-अलग देशों में जीका के मामले देखे गए हैं। अक्टूबर 2015 से जनवरी 2016 के बीच ब्राजील में जीका के हजारों मामले सामने आए। इस देश में 4000 बच्चों में जीका वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई।

लक्षण और बचाव क्या हैं?

डॉक्टरों के अनुसार, जीका वायरस से संक्रमित मरीजों को बुखार आता रहता है। मरीजों को सिर दर्द और जोड़ों में दर्द की शिकायत हो सकती है। आंखें लाल हो जाती हैं। शरीर पर लाल चकत्ते भी पड़ जाते हैं। चूंकि यह संक्रमण मच्छरों के काटने से फैलता है, इसलिए घर के आसपास पानी जमा न होने दें। बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें। संक्रमित मरीजों के रहने वाले इलाकों में जाने से बचें। साथ ही अपने खान-पान का खास ख्याल रखें

Dinesh Singh हिन्दी न्यूज तरंग पत्रिका (एडिटर इन चीफ)