यूपी से बिहार ले जाई जा रही थी 12 लाख रुपये की शराब, तस्करों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

यूपी के गाजीपुर में पुलिस ने 12 लाख की शराब जब्त कर 11 तस्करों को गिरफ्तार किया है. इन तस्करों को दो अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार किया गया है. ये सभी शराब को बिहार ले जा रहे थे. इनकी मंशा वहां शराब को दोगुने दामों पर बेचने की थी. उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में 11 शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है. ये लोग शराब की बड़ी खेप बिहार ले जा रहे थे.
बिहार में शराब प्रतिबंधित है, तस्कर वहां अवैध रूप से शराब की सप्लाई करते हैं और ऊंचे दामों पर बेचते हैं. इस बार भी उनकी यही मंशा थी. लेकिन पुलिस ने शराब तस्करों की योजना को नाकाम कर दिया. पुलिस ने 12 लाख की शराब जब्त की है. मामला बिहार की सीमा से सटे भांवरकोल और करीमुद्दीनपुर इलाके का है. यहां भांवरकोल पुलिस ने एक ट्रक में दो तस्करों से करीब 6 लाख रुपये की अंग्रेजी शराब बरामद की. वहीं करीमुद्दीनपुर पुलिस ने तीन वाहनों में करीब 6 लाख रुपये की शराब के साथ नौ लोगों को गिरफ्तार किया.
देशभर में 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती मनाई जा रही थी। इस दिन शराब की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित रहती है। इसके बावजूद शराब तस्कर अपने काम में जुटे हुए थे। इसी बीच करीमुद्दीनपुर पुलिस और आबकारी टीम को पता चला कि जोगा मुसाहिब गांव में तीन वाहनों में लादकर शराब बिहार ले जाने की योजना है।
सूचना पर आबकारी टीम और पुलिस विभाग ने जब वहां छापेमारी की तो यहां से कुल 82 पेटी शराब बरामद हुई। कुल 712 लीटर शराब बरामद हुई। इसकी अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई जा रही है।
ऊंचे दामों पर बेची जानी थी शराब
यह सारी शराब बिहार प्रांत में ले जाकर ऊंचे दामों पर बेची जानी थी। इस मामले में पुलिस ने अमरनाथ राय, सद्दाम, आदित्य, मनीष, दुर्गेश, समीर, अमित राय उर्फ गोल्डेन राय, सनी सिंह और जयकुमार सिंह को हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
वहीं, बिहार की सीमा से सटे भांवरकोल में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक ट्रक से 6 लाख रुपये की शराब जब्त की है। मुखबिर ने उन्हें इसकी सूचना दी थी। शराब तस्कर राजेश कुमार राय और छोटक उर्फ टुकडू को गिरफ्तार कर लिया गया।
क्या बोले एसपी ग्रामीण?
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि दोनों थाना क्षेत्रों में 11 तस्करों से भारी मात्रा में शराब बरामद की गई है और इन लोगों को कानूनी कार्रवाई के जरिए जेल भेजने के साथ ही इनके अन्य नेटवर्क का भी भंडाफोड़ किया जा रहा है।