चौथे सोमवार पर जहानाबाद में बड़ा हादसा,मंदिर में मची भगदड़, 7 श्रद्धालुओं की मौत

बिहार के जहानाबाद में स्थित सिद्धेश्वरनाथ मंदिर में भगदड़ मचने से 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि करीब एक दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. यह हादसा सोमवार यानी चौथे सोमवार को भगवान शिव के जलाभिषेक के दौरान हुआ. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. सावन के चौथे सोमवार को बिहार के जहानाबाद में भगवान शिव के जलाभिषेक के दौरान भगदड़ मचने से बड़ा हादसा हो गया. इस हादसे में सात श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों में पांच महिलाएं हैं.
इस हादसे में 12 से ज्यादा श्रद्धालु घायल भी हुए हैं. इनमें से कई श्रद्धालुओं की हालत गंभीर है. यह घटना जहानाबाद के मखदुमपुर स्थित वाणावर बाबा सिद्धेश्वरनाथ मंदिर की है. सूचना मिलने पर पुलिस और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचा और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. वहीं, घायलों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. पुलिस के मुताबिक, ये सभी श्रद्धालु सावन के चौथे सोमवार को भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए मंदिर में जुटे थे।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मंदिर में भगदड़ कैसे मची। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जहानाबाद एसएचओ दिवाकर विश्वकर्मा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही एसपी और डीएम ने खुद घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जलाभिषेक की होड़ में यह हादसा हुआ। मामले की विधिवत जांच की जा रही है।
पहले जल चढ़ाने के लिए हुई धक्का-मुक्की
हादसे में घायल आनंद कुमार उर्फ विशाल ने बताया कि यह घटना रात करीब एक बजे हुई। उस समय मंदिर में जल चढ़ाने वालों की काफी भीड़ थी। पहले जल चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं में धक्का-मुक्की होने लगी। देखते ही देखते यह धक्का-मुक्की भगदड़ में बदल गई। ऐसे में जो लोग बाहर निकल आए, वे तो बच गए, लेकिन अंदर फंसे लोगों के ऊपर न जाने कितने लोग चढ़ गए। इससे स्थिति बेकाबू हो गई।
रात 10 बजे से लगी थी कतार
अन्य घायलों के अनुसार, इस मंदिर में साल के 365 दिन भक्तों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन सावन के महीने में यह भीड़ और भी बढ़ जाती है। खासकर सोमवार को मंदिर में जल चढ़ाने के लिए भक्तों की लंबी कतार लगती है। इस बार भी सावन के चौथे सोमवार को भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए रविवार रात 10 बजे से ही कतार लगनी शुरू हो गई थी। 12:30 बजे के बाद लोग शिवलिंग की ओर बढ़ने लगे। इसी बीच भगदड़ मच गई और यह हादसा हो गया।