मां दुर्गा के 9 रूपों से सीखें ये बातें, कभी नहीं होगी पैसों की दिक्कत

Oct 3, 2024 - 09:01
Oct 3, 2024 - 11:24
मां दुर्गा के 9 रूपों से सीखें ये बातें, कभी नहीं होगी पैसों की दिक्कत

नवरात्रि का त्योहार शुरू हो चुका है। आने वाले 9 दिनों में हम मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करेंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मां के 9 रूपों से आप कुछ खास वित्तीय टिप्स सीख सकते हैं, जिन्हें अपनाने से आपको कभी पैसों की दिक्कत नहीं होगी।

नवरात्रि के त्योहार में हम 9 दिनों तक मां दुर्गा की पूजा करते हैं। इन 9 दिनों में मां के 9 रूपों की पूजा की जाती है। आप इन 9 रूपों से निवेश और वित्त से जुड़ी कई बातें सीख सकते हैं, जो आपकी वित्तीय सेहत को बेहतर बनाने का काम करती हैं और आपको कभी पैसों की दिक्कत नहीं होगी।

मां दुर्गा के नौ रूपों से सीखने लायक बातें

नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इसमें आप मांग के हर स्वरूप से कुछ न कुछ अहम सीख सकते हैं।

शैलपुत्री: निवेशक के तौर पर मां दुर्गा का यह स्वरूप आपको अपनी गलतियों से सीखने और खुद का बार-बार मूल्यांकन करने की सलाह देता है। मां के इस स्वरूप की कहानी भगवान शिव की पत्नी सती और उनके आत्मदाह से जुड़ी है। इसलिए, आपके लिए अपनी निवेश यात्रा में अपनी गलतियों से सीखना बहुत जरूरी है।

ब्रह्मचारिणी: मां का यह स्वरूप एक निवेशक को उसका सबसे महत्वपूर्ण गुण सिखाता है, जो है धैर्य। शेयर बाजार में निवेश करते समय, बाजार में अक्सर उतार-चढ़ाव होता है, तब आपका धैर्य आपको जीवन का सबसे अच्छा निर्णय लेने में मदद करता है।

चंद्रघंटा: इस रूप में देवी ज्ञान का अवतार हैं। इसलिए, एक निवेशक के रूप में, इस रूप से सबसे बड़ी सीख यह है कि ज्ञान को बढ़ाएं और लक्ष्य को बहुत स्पष्ट रखें, ताकि आप निवेश से जुड़े फैसले बहुत समझदारी से ले सकें।

कुष्मांडा: मां के इस रूप को ब्रह्मांड की निर्माता कहा जाता है। यह रूप व्यक्ति की ताकत को दर्शाता है। ऐसे में, इस रूप से एक बात समझ में आती है कि निवेश की यात्रा में आपको अक्सर नुकसान उठाना पड़ सकता है, लेकिन आपको यह विश्वास रखना होगा कि आप अपनी स्थिति को फिर से सुधार सकते हैं। इसके लिए जो भी कदम उठाने जरूरी हैं, आपको उन्हें उठाने में सक्षम होना चाहिए। स्कंदमाता: स्कंदमाता ने देवासुर संग्राम में सेनापति की भूमिका निभाई थी। इसलिए जब आप निवेश के युद्ध में कूदें तो अपने अंदर नेतृत्व क्षमता विकसित करें और उसका सही इस्तेमाल करें। देवी का यह स्वरूप आपको महंगाई और बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति में भी संतुलन बनाए रखते हुए आगे बढ़ना सिखाता है।

कात्यायनी: मां दुर्गा का यह स्वरूप आपको एक अच्छा पर्यवेक्षक बनना और भविष्य के लिए जरूरी शोध करना सिखाता है। जब आप अपनी निवेश यात्रा शुरू करते हैं तो आपको एक बेहतरीन पर्यवेक्षक बनना चाहिए और सही अवसर को भांपने के लिए सटीक शोध करना चाहिए।

कालरात्रि: यह मां दुर्गा का सातवां स्वरूप है जिसकी पूजा महासप्तमी के दिन की जाती है। मां का यह स्वरूप हमें बुराई से लड़ना सिखाता है जो निवेश के समय बहुत काम आता है। कई बार ऐसा होता है कि आपके निवेश के फैसले गलत हो जाते हैं और आपके पोर्टफोलियो में ऐसे शेयर होते हैं जो लगातार घाटे में रहते हैं। ये पोर्टफोलियो को निगेटिव जोन में रखते हैं इसलिए सही समय पर इनसे छुटकारा पाना यानी बुराई का नाश करना सही रहता है।

महागौरी: मां दुर्गा का यह स्वरूप आपको गलतियों से बचना सिखाता है। जैसे आपका अत्यधिक खर्च, निवेश में उचित रुचि न लेना और क्रेडिट कार्ड के चक्कर में फंस जाना या बहुत अधिक EMI पर निर्भर रहना। इसके कारण आप कर्ज के चक्र में भी फंस जाते हैं। मां का यह रूप हमें इन गलतियों से बचने या इनसे आगे बढ़ने और खुद को बेहतर बनाने की शिक्षा देता है।

सिद्धिदात्री: मां दुर्गा का यह रूप सिद्धि देने के लिए जाना जाता है। ऐसे में आप अपने सबसे बुरे समय से सीख लेकर आगे बढ़ने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं; महंगाई, व्यापार में घाटा, छंटनी का दौर, ये ऐसे समय होते हैं जब आपको अपने बुरे समय से लड़कर आगे बढ़ने की जरूरत होती है।

हिंदू धर्म में नवरात्रि का महत्वपूर्ण स्थान है। इसे साल में दो बार मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के सातवें महीने यानी अश्विन (क्वार) में मनाई जाने वाली नवरात्रि सितंबर और अक्टूबर के महीने में आती है। इस दौरान पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा मनाई जाती है। देश के बाकी हिस्सों में भी मां दुर्गा के पंडाल सजाए जाते हैं।

Ajay Singh (हिन्दी न्यूज तरंग मासिक पत्रिका) न्यूज तरंग एक भारतीय हिंदी न्यूज़ चैनल है, जो भारत के विभिन्न राज्यों में प्रसारित होता है।