ग्राम विकास अधिकारी का बचाव करने का आरोप , ग्रामीणों ने जांच टीम के खिलाफ की नारेबाजी
फाजिलनगर। विकास खंड फाजिलनगर के ग्राम सभा सुमही बुजुर्ग के ग्रामीणों ने ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ धन उगाही को लेकर डीपीआरओ को शिकायती पत्र दिया था। जिसको संज्ञान में लेते हुए डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत को जांच कर एक हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा। सोमवार को जांच करने पहुंची टीम से लोगों ने जब शिकायत करना शुरू किया और लोगों ने नारे बाजी शुरू किया तो जांच टीम को वहां से बहाना बनाकर भाग निकली।
उक्त ग्राम सभा निवासी व सुभासपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार राव ने ग्राम विकास अधिकारी जितेंद्र मिश्रा के खिलाफ 9 जनवरी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि यह कभी गांव में नहीं आते हैं तथा शौचालय और आवास के लिए लोगों से पैसे की मांग करते है। इस शिकायत को संज्ञान लेते हुए डीपीआरओ ने 3 फरवरी को एडीओ पंचायत को जांच कर एक हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा। लगभग बीस दिन बाद सोमवार को जांच करने एडीओ पंचायत अनिरुद्ध सिंह व कर्मचारी राजेश गुप्ता, धर्मेंद्र प्रसाद पहुंचे पहले से ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए थे जब लोगों ने ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार व धन उगाही का आरोप लगाना शुरू किया तो जाँच टीम बचाव में बात कर रही थी जिससे नाराज ग्रामीणों ने जांच टीम पर मिली जुली का आरोप लगाते हुए नारेबाजी व हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए जांच टीम बहाना बनाकर मौके से भाग निकली।
जांच टीम से ग्रामीण दीपक सिंह ने कहा कि परिवार रजिस्टर के नाम पर हमसे सेक्रेटरी ने पांच सौ रुपए मांग रहे हैं पैसा नहीं दिया तो वह अभी तक नकल नहीं दिए। लाल बाबू गुप्ता ने कहा कि मैं गरीब व विकलांग हूं लेकिन सेक्रेटरी आवास के लिए 20 हजार रुपए की मांग किए नहीं देने पर आवास को निरस्त कर दिया। उसी तरह निधु सिंह ने कहा कि मुझसे भी 20 हजार की मांग किए नहीं देने पर आवास निरस्त कर दिया।
इस दौरान बीरेंद्र सिंह, संतोष सिंह, अनुराग सिंह, रत्नेश प्रताप सिंह, प्रियांशु सिंह, जेपी प्रजापति, रमेश शर्मा, अर्जुन प्रसाद, गिरिजादेवी, पूर्व ग्रामप्रधान बशिष्ठ कन्नौजिया, केदार गुप्ता, प्रदीप शर्मा, गोधन गौड़, राजकिशोर, महबूब सहित सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुष मौजूद रहे।
