SIR-2026 में कुशीनगर की बड़ी प्रगति, 81% मतदाताओं के फार्म डिजिटाइज्ड
निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची प्रकाशन और दावे–आपत्तियों की तिथि बढ़ाई
कुशीनगर :: जिला निर्वाचन अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR-2026) का कार्य जनपद कुशीनगर में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यह कार्यक्रम 28 अक्टूबर 2025 से संचालित है, जिसके तहत बी.एल.ओ. द्वारा घर–घर गणना प्रपत्र वितरित किए गए और 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग का कार्य भी निरंतर किया जा रहा है।
जनपद की अब तक की स्थिति
जनपद के कुल 26,95,030 मतदाताओं में से 21,82,093 मतदाता अपने प्रपत्र जमा कर चुके हैं। 81% प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा हो गया है। 5,12,596 मतदाताओं को ASD (अनुपस्थित, शिफ्टेड व मृत्यु) श्रेणी में चिह्नित किया गया है। यह संख्या कुल मतदाताओं के 19% के बराबर है, जिनकी विस्तृत पुनः जाँच की जा रही है
जिन मतदाताओं ने अब तक अपने गणना प्रपत्र वापस नहीं किए या जिनमें दोहरी प्रविष्टि, पता परिवर्तन या मृत्यु जैसी स्थितियाँ पाई गईं, उनके प्रपत्र ASD के रूप में दर्ज किए गए हैं।
निर्वाचन आयोग द्वारा तिथि में विस्तार
भारत निर्वाचन आयोग ने SIR-2026 की समय-सीमा बढ़ाते हुए नई तिथियाँ घोषित की हैं- मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन : 31 दिसम्बर 2025। दावे/आपत्तियों की अवधि 31 दिसम्बर 2025 से 30 जनवरी 2026, नोटिस, सुनवाई एवं निस्तारण : 21 दिसम्बर 2025 से 21 फरवरी 2026। अन्तिम मतदाता सूची प्रकाशन 28 फरवरी 2026,
ASD सूची 12 दिसम्बर को उपलब्ध कराई जाएगी
ASD चिह्नित मतदाताओं की सूची 12 दिसम्बर 2025 को बी.एल.ओ. और बी.एल.ए. की बैठक में उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला निर्वाचन कार्यालय ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि यदि कोई मतदाता गलती से ASD चिन्हित हो गया हो, तो उसकी सूची साक्ष्यों सहित संबंधित अधिकारी को उपलब्ध कराएँ ताकि सही संशोधन किया जा सके।
डीएम का निर्देश “मतदाता सूची हर हाल में त्रुटिरहित रहे” जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कहा- “जनपद में SIR का कार्य लगभग पूर्ण है। आयोग द्वारा समय बढ़ाए जाने से अब हमें पुनः गहन जाँच का अवसर मिल गया है। लक्ष्य है कि निर्वाचक नामावली पूरी तरह त्रुटिरहित तैयार हो।”
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों, रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि प्रत्येक क्षेत्र में दोबारा विस्तृत सत्यापन कराया जाए।
